livespjv

आज का लाइव सत्संग

श्री प्राणनाथ जी वाणी (सोमवार – शुक्रवार)

चितवन04:30 AM – 06:00 AM
श्री बीतक मंथन06:00 AM – 07:00 AM
श्री तारतम वाणी चर्चा07:00 AM – 07:30 AM

सामान्य प्रश्न

अक्षरातीत श्री राज जी के हृदय में ज्ञान के अनंत सागर हैं। उनकी एक बूंद श्री महामति जी के धाम हृदय में आई और तारतम सागर के रूप में यह ब्रह्मवाणी हमको मिली। यह वाणी कोई काव्य रचना नहीं है, बल्कि वह आवेशित वाणी है, जो परब्रह्म परमात्मा ने महामति जी के धाम हृदय में बैठकर कहलवाई। इस दिव्य वाणी में 14 ग्रंथ हैं, जो 18,758 चौपाइयों के रूप में संग्रहीत हैं।

अक्षरातीत श्री राज जी के हृदय में ज्ञान के अनंत सागर हैं। उनकी एक बूंद श्री महामति जी के धाम हृदय में आई और तारतम सागर के रूप में यह ब्रह्मवाणी हमको मिली। यह वाणी कोई काव्य रचना नहीं है, बल्कि वह आवेशित वाणी है, जो परब्रह्म परमात्मा ने महामति जी के धाम हृदय में बैठकर कहलवाई। इस दिव्य वाणी में 14 ग्रंथ हैं, जो 18,758 चौपाइयों के रूप में संग्रहीत हैं।